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अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° रोग के कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?|
अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° रोग के सटीक कारणों को पूरी तरह से समà¤à¤¾ नहीं गया है। लेकिन बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ सà¥à¤¤à¤° पर, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सामानà¥à¤¯ रूप से कारà¥à¤¯ करने में विफल हो जाने पर मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कोशिकाà¤à¤‚ (नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸) ठीक से काम नहीं कर पाती कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके काम में बाधा आ जाती है. इस के साथ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की वजह से विषाकà¥à¤¤ घटनाà¤à¤‚ (toxic events) की शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला होने लग जाती है. इन दोनों की वजह से नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाते हैं, à¤à¤• दूसरे से संबंध खो देते हैं और अंततः मर जाते हैं।
वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤•ों का मानना ​​है कि अधिकांश लोगों के लिà¤, अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° रोग आनà¥à¤µà¤‚शिक, जीवन शैली और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारकों के संयोजन के कारण होता है जो समय के साथ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं। लेकिन इसके à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कम साकà¥à¤·à¥à¤¯ है जो कि इस कथन की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ कर सके कि यह à¤à¤• अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक रोग है.
अलà¥à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° रोग की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ अकà¥à¤¸à¤° मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के उस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से होना शà¥à¤°à¥‚ होती है जो कि सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ को नियंतà¥à¤°à¤¤ में रखने का काम करती है, इसी कारण से इस बीमारी में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ याददाशà¥à¤¤ से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ होती है. नà¥à¤¯à¥‚रॉनà¥à¤¸ का नà¥à¤•सान मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में कà¥à¤› हद तक अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ पैटरà¥à¤¨ में फैलता है। रोग के अंतिम चरण तक, मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• काफी सिकà¥à¤¡à¤¼ गया है।
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